Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 : इतिहास, योग्यता, उद्देश्य, विजेता

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar :- देश आपदा प्रबंधन क्षेत्र मे काम करने वाले लोगो के लिए केन्द्र सरकार द्वारा एक योजना को शुरू किया गया है। जिसका नाम सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना है। इस योजना के अन्तर्गत आपदा प्रबंधन क्षेत्र मे काम करने वाले लोगो को 51 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार भी Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 अन्तर्गत शामिल किये गए है।

हालांकि भारत का वह कोई भी नागरिक जो आपदा प्रबंधन क्षेत्र मे काम कर रहे है तो वह सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते है। आज के इस लेख मे हम सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना 2026 पर विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि ऐसे आप इस योजना के अन्तर्गत आवेदन कर सकते है।

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना को शुरू किया गया है। इस योजना का संचालन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। यह पुरस्कार आपदा प्रबंधन यानी बचाव, राहत, पुनर्वास, और अनुसंधान के क्षेत्र मे उत्कृष्ट और निस्वार्थ योगदान देने वाले व्यक्तियो और संस्थानो को सम्मानित करने के लिए दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार है। इस पुरस्कार योजना के अन्तर्गत आपदा प्रबंधन क्षेत्र मे काम करने वाले लोगो को 51 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार देने का प्रावधान है।

हालांकि इस पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर की जाती है। वह नागरिक जिसने आपदा की रोकथाम, शमन, तैयारी, बचाव प्रतिक्रिया, पुर्नवास या शुरूआती चेतावनी के क्षेत्र मे साहस और समर्पण दिखाया हैं तो वह Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 के अन्तर्गत आवेदन कर सकता है।

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार का उद्देश्य

भारत भौगोलिक और जलवायु की दृष्टि से अनेक प्रकार की आपदाओ के जोखिम का सामना करता है। इसमे बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, भूंकप, बादल फटना, सुनामी, औद्योगिक दुर्घटनाएं जैसी आपात स्थितिया शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रो को प्रभावित करती है। ऐसे मे इस पुरस्कार के पिछे के कुछ प्रमुख उद्देश्य है :

  • आपदा प्रबंधन मे उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगो की पहचान करना।
  • आपदा जोखिम न्यूनीकरण यानी Disaster Risk Reduction को बढ़ावा देना।
  • सफल और प्रभावी आपदा प्रबंधन मॉडल को दूसरे क्षेत्रो तक पहुंचाना।
  • स्थानीय समुदायो की तैयार और क्षमता बढ़ाने वाले प्रयासो को प्रोत्साहित करना।
  • नई तकनीक और नवाचार को आपदा प्रबंधन से जोड़ना।
  • प्रारंभिक चेतावनी और समय पर प्रतिक्रिया की व्यवस्था को मजबूत करना।
  • आपदा ने राहत के साथ साथ पुनर्वास और पुननिर्माण पर ध्यान बढ़ाना।
  • देश को अधिक सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधि बनाने मे नागरिको तथा संस्थानो की भागीदारी सुनिश्चित करना।

कौन आवेदन कर सकता है?

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar केवल सरकारी कर्मचारियो या बड़ी सरकारी संस्थाओ तक सीमित नही हैं। इसकी पात्रता का दायरा काफी व्यापक है। इसमे :

  • भारतीय नागरिक
  • संस्था और संगठन
  • राष्ट्रीय एंव राज्य स्तरीय संस्थाएं
  • जिला अधिकारी
  • अनुसंधान एंव शैक्षणिक संस्थान
  • गैर-सरकारी संगठन यानी NGO
  • नागरिक समाज संगठन
  • निजी क्षेत्र संगठन आदि शामिल है।

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar Key Highlight

आर्टिकलSubhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026
योजना का नामसुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना
शुरू की गईकेन्द्र सरकार द्वारा
कब शुरू की गई23 जनवरी 2026
सम्बन्धित विभागकेन्द्रीय गृह मंत्रालय
वर्ष2026
लाभार्थीभारतीय नागरिक (जो आपदा क्षेत्र मे कार्यरत् है।)
उद्देश्यउत्कृष्ट कार्य करने वालो को सम्मानित करना
लाभनकद राशी व पुरस्कार
पुरस्कार राशी51 लाख रुपये
श्रेणीकेन्द्रीय सरकारी योजना
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन व ऑफलाइन
ऑफिशियल वेबसाइटdmawards.ndma.gov.in

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए पात्रता

  • Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 के लिए आवेदक भारतीय मूल का नागरिक होना चाहिए।
  • वह नागरिक जो आपदा प्रबंधन क्षेत्र मे कार्य करता हैं वह इस योजना के लिए पात्र होगा।
  • आवेदक ने आपदा के क्षेत्र मे साहस और समर्पण दिखाया हो पात्र होगा।
  • भारतीय संस्था भी इस योजना के अन्तर्गत आवेदन करने के लिए पात्र होगी।
  • अगर संस्था भारतीय नही हैं तो वह इसके लिए पात्र नही होगी।

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2025

वर्ष 2025 मे Indian National Center for Ocean Information Service (INCOIS) हैदराबाद को संस्थागत श्रेणी मे पुरस्कार के लिए चुना गया था। INCOIS का काम समुद्री विज्ञान, समुद्री अवलोकन, उपग्रह आधारित महासागर विज्ञान और समुद्री सूचना सेवाओं से जुड़ा है। संस्थान के (NTEWC) यानी National Tsunami Early Warning Center की भूमिका भारत और हिंद महासागर क्षेत्र मे सुनामी की प्रारंभिक चेतवानी के लिए विशेष महत्व रखती है। INCOIS ने Search and Rescue Aided Tool (SARAT) विकसित किया।

इसका उपयोग समुद्र मे लापता लोगो या वस्तुओ की स्थिति का अनुमान लगाने मे भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना और तटीय सुरक्षा पुलिस की सहायता के लिए किया जाता है। इसके अलावा SynOPS प्लेटफॉर्म वास्तविक समय के आकड़ो को एकीकृत कर चरम मौसम की घटनाओ के दौरान प्रतिक्रिया समन्वय को बेहतर बनाने मे मदद करता है। यह उदाहरण बताता है कि आपदा प्रबंधन अब केवल राहत दलो और बचाव नौकाओ तक सीमित विषय नही है। डेटा, उपग्रह, समुद्री विज्ञान, मॉडलिंग और डिजिटल तकनीक भी जीवन बचाने की रणनीति का हिस्सा बन चुके है।

पिछले वर्षो के प्रमुख विजेता

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar की यात्रा को समझने के लिए इसके प्रमुख वर्ष अनुसार विजेताओं पर प्रकाश डालना जरूरी है। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड मे 2019 से 2024 तक के पुरस्कार विजेताओ की सूची उपलब्ध है। जबकि 2025 और 2026 के विजेताओ की घोषणा बाद मे की गई।

वर्षव्यक्तिगत श्रेणीसंस्थागत श्रेणी
2019–8वीं बटालियन NDRF, गाज़ियाबाद
2020कुमार मुन्नुन सिंगDisaster Mitigation & Management Center उत्तराखंड
2021डॉ, राजेन्द्र कुमार भंडारीSustainable Environment and Ecological Development Society (SEEDS)
2022प्रो. विनोद शर्माGujarat Institute of Disaster Management
2023–Odisha State Disaster Management Authority (OSDMA) and Mizoram Lunglei Fire Station (MLFS)
2024–60 Parachute Field Hospital, उत्तर प्रदेश
2025–INCOIS, हैदराबाद
2026लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्केSikkim State Disaster Management Authority (SSDMA)

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026 के विजेता

23 जनवरी 2026 को Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 के लिए दो प्रमुख विजेताओं की घोषणा की गई है। जबकि वर्ष 2026 के लिए कुल 271 नामांकन प्राप्त हुए थे।

  • संस्थागत श्रेणी – सिक्किम डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA)
  • व्यक्तिगत क्षेणी – लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के

लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के को क्या मिला पुरस्कार

लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के ने केरल के वायनाड मे 2024 की बाढ़ और भूस्खलन के दौरान बड़े पैमाने पर Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) अभियानो का नेतृतव किया। उन्होने नागरिक प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व के साथ समन्वय करते हुए निकासी, राहत वितरण तथा जरूरी सेवाओं की बहाली मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कठिन मौसम और चुनौतिपूर्ण परिस्थितियो मे कई उच्च जोखिम बाले बचाव अभियानो का निर्देशन किया गया। उनके काम का एक उल्लेखनीय उदाहरण चूरलमाला मे 190 फुट लंबे ब्रिज का तेजी से निर्माण किया।

इस ब्रिज ने आपदा प्रभावित और दूरस्थ गांवो से सम्पर्क बहाल करने मे मदद की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्होने रात मे केवल 4 घंटो के भीतर एक अस्थायी फुटब्रिज तैयार करने जैसी इंजीनियरिंग चुनौतियो का भी समाधान किया। उन्होने करीब 150 टन उपकरण जुटाकर राहत एंव पुनप्राप्ति अभियान को गति दी। इसके अलावा 2300 से अधिक कर्मियो को आपदा प्रतिक्रिया तथा मानवीय अभियानो का प्रशिक्षण दिया। यह उपलब्धिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योकि यह दिखाती हैं कि आधुनिका आपदा प्रबंधन मे इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, नेतृत्व और तत्वरित निर्णय लेने की क्षमता कितनी निर्णायक है।  

सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की उपलब्धियां

SSDMA को संस्थागत श्रेणी मे सम्मानित किया गया था। वर्ष 2005 मे स्थापित यह प्राधिकरण सिक्किम मे आपदा तैयारी और स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने पर काम कर रहा है। SSDMA ने 1,185 प्रशिक्षण आपदा मित्रो को तीन स्तर पर तैना किया है। गांव, ब्लॉक और जिला। ग्राम पंचायत स्तर पर Disaster Management Assistance की मौजूदगी स्थानीय स्तर पर आपदा प्रक्रिया को मजबूत करती है।

2016 के मंताम भूस्खलन और 2023 की तीस्ता बाढ़ जैसी घटनाओ के दौरान SSDMA की वास्तविक समय में समन्वय क्षमता और प्रशिक्षण प्रथम प्रतिक्रिया दलो ने 2,563 लोगो के बचाव मे योगदान दिया। इस मॉडल की विशेषता यह है कि आपदा प्रबंधन को केवल सरकारी कार्यालयो मे तक सीमित नही रखता, बल्कि गांव और पंचायत स्तर तक समुदाय को तैयार करता है। यही वजह है कि इसे हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यो के लिए एक उपयोगी तथा दोहराए जा सकने वाले मॉडल के रुप मे देखा गया।

पुरस्कार के लिए उत्कृष्ट कार्य क्षेत्र

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar का दायरा काफी व्यापक है। यह पुरस्कार जिन क्षेत्रो मे उत्कृष्ट कार्य के लिए मिलेगा उन क्षेत्रो की सूची इस प्रकार है।

  • आपदा की रोकथाम
  • जोखिम एंव क्षति न्यूनीकरण
  • आपदा पूर्व तैयारी
  • खोज एंव बचाव
  • आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया
  • राहत कार्ड
  • पुनर्वास और पुननिर्माण
  • अनुंसधान
  • तकनीकी एंव संस्थागत नवाचार
  • प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली
  • सामुदायिक जागरूकता
  • क्षमता निर्माण
  • मानवीय सहायता और आपदा प्रतिक्रिया आदि।

इससे स्पष्ट है कि पुरस्कार का दृष्टिकोण केवल कितने लोगो को बचाया गया तक सीमित नही है। अगर किसी संस्था ने किसी क्षेत्र मे ऐसी व्यवस्था विकसित की हैं जिससे भविष्य मे आपदा का नुकसान कम हो सकें तो उसका योगदान भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस पुरस्कार की सबसे बड़ी विशेषता

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar को केवल एक सम्मान के रुप मे देखना इसकी वास्तविक भूमिका को कम करता है। आपदा प्रबंधन मे एक सफल मॉडल तभी वास्तव मे उपयोगी होता हैं जब उसे दूसरे जिलो, राज्यो या संस्थाओ मे अपनाया जा सके। उदाहरण के लिए सिक्किम का समुदाय-आधारित आपदा मित्र मॉडल स्थानीय स्तर पर तैयारी का महत्व दिखाता है। जबकि INCOIS का काम यह बताता है अत्याधुनिक वैज्ञानिक सूचना और प्रारंभिक चेतावनी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।

वही वायनाड मे लेफ्टिनेंट कर्नल शेल्के के नेतृत्व वाला अभियान दिखाता है कि संकट की घड़ी मे इंजीनियरिंग और तेज लॉजिस्टिक निर्णय किस तरह जीवन रक्षक साबित हो सकते है। यानी पुरस्कार की असली ताकत एक विजेता को सम्मानित करना नही बल्कि एक अच्छे समाधान को राष्ट्रीय उदाहरण बनाना है।

Read Also :-

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • संस्था का प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नम्बर
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो।

पुरस्कार मे मिलने वाली राशी

पुरस्कार की वित्तीय संरचना इसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान बनाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरस्कार मे मिलने वाली राशी :

  • संस्थागत श्रेणी – 51 लाख रुपये नकद पुरस्कार एंव प्रमाण पत्र
  • व्यक्तिगत श्रेणी – 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार व प्रमाण पत्र

महत्वपूर्ण तिथियां

आयोजनमहत्वपूर्ण तिथियां
आवेदन शुरू1 जुलाई 2026
आवेदन की अन्तिम तिथि30 सितंरब 2026

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://dmawards.ndma.gov.in/ पर जाना है।
  • इसके बाद आपके साने वेबसाइट का होम पेज खुलकर आएगा।
  • होम पेज पर आपको Don’t Have an Account? Click Here to Register का लिंक मिलेगा आपको इस पर क्लिक करना है।
  • अब आपके सामने एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलकर आ जाएगा जिसमे आपको अपना नाम, मोबाइल नम्बर व आधार कार्ड नम्बर दर्ज करना है।
  • इसके बाद आपको Proceed के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • क्लिक करते ही आपके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी आएगा जिसे आपको दिए गए बॉक्स मे दर्ज करना है और Verify के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • इतना करने के बाद आपके सामने Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 का आवेदन फॉर्म खुलकर आ जाएगा।
  • अब आपको इस फॉर्म मे पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी को ध्यानपूर्वक दर्ज करना है।
  • सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजो को स्कैन कर अपलोड कर देना है।
  • अंत मे आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • क्लिक करते ही आपको आवेदन की एक पावती प्राप्त होगी जिसे आपको प्रिंट कर अपने पास सुरक्षित रख लेना है।
  • इस प्रकार आप Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 के अन्तर्गत आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आपदा प्रवंधन के क्षेत्र मे पुरस्कार का महत्व

भारत मे आपदा प्रबंधन की सोच पिछले कुछ वर्षो मे केवल राहत और बचाव से आगे बढ़कर जोखिम कम करके पूर्व तैयारी और लचीलेपन की ओर गई है। Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar इस बदलाव को मजबूत करने मे तीन स्तरो पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  1. पहचान – जमीन पर काम करने वाले लोगो और संस्थाओ को राष्ट्रीय मंच मिलता है।
  2. प्रेरणा – दूसरे संगठन भी सफल मॉडलो से सीखकर अपनी तैयारी बेहतर कर सकते है।
  3. नवाचार – तकनीक, स्थानीय आपदा प्रबंधन पुरस्कार की कहानी उन लोगो की कहानी हैं, जो आपदा के समय केवल प्रतिक्रिया नही देते हैं, बल्कि संकट से पहले तैयारी करने का प्रयास भी करते है। 2026 के विजेता सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के की उपलब्धियां इस पुरस्कार के बदलते स्वरूप को ज्ञान, सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक अनुसंधान को आपदा प्रबंधन से जोड़ने वाले प्रयासो को प्रोत्साहन मिलता है। यही कारण है कि इस पुरस्कार को भारत की बढ़ती Disaster Resilience Ecosystem का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर ही क्यों?

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भारतीय इतिहास मे साहस, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रतीक माने जाते है। आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र मे भी यही मूल्य महत्वपूर्ण है। खासकर तब जब किसी संकट मे तेज निर्णय, जोखिम उठाने की क्षमता और मानव जीवन को प्राथमिकता देने की आवश्यकता होती है। सरकार ने इन पुरस्कार को नेताजी की जंयती 23 जनवरी से जोड़कर ऐसे सेवाभावी और साहसिक कार्यो को राष्ट्रीय स्मृत्ति से जोड़ने का प्रयास किया है। Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar की घोषणा प्रत्येक वर्ष इसी तिथि को की जाती है।

सम्पर्क विवरण

अगर आप सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना से सम्बन्धित अन्य कोई जानकारी या सहायता प्राप्त करना चाहते हैं तो आप राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की Official Website पर जा सकते है।

निष्कर्ष

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार की कहानी उन लोगो की कहानी है जो आपदा के समय केवल प्रतिक्रिया नही देते हैं, बल्कि संकट से पहले तैयारी करने की कौशिश भी करते है। वर्ष 2026 के विजेता सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के की उपलब्धियां इस पुरस्कार के बदलते स्वरूप को साफ तौर पर दिखाती है। एक तरफ स्थानीय समुदायो को प्रशिक्षित कर मजबूत करने का मॉडल है, तो दूसरी तरफ इंजीनियरिंग नेतृत्व और तेज राहत अभियानो का उदाहरण।

इससे एक बात स्पष्ट होती हैं आधुनिक आपदा प्रबंधन मे सबसे बड़ी उपलब्धि केवल नुकसान को पहले ही कम करने की क्षमता विकसित करना है। इसी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रोत्साहन देने वाला सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार आने वाले वर्षो भारत की आपदा-रोधी क्षमता को मजबूत करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

अक्षर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष कितने पुरस्कार दिये जाते है?

सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष अधिकतम 3 पुरस्कार दिय जाते है।

Subhash Chandra Bose Aapda Prabandhan Puraskar 2026 के लिए कौन पात्र है?

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र मे काम करने वाला कोई भी भारतीय नागरिक या संस्था सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार योजना लिए पात्र है।

क्या इस योजना के अन्तर्गत ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है?

नहीं, इस योजना के अन्तर्गत केवल ऑनलाइन आवेदन ही किया जा सकता है। फिलहाल ऑफलाइन आवेदन इसके लिए अभी उपलब्ध नही है।

Leave a Comment