PM Employment Generation Program (PMEGP) यानी प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख Credit Link Subsidy योजना है। इस योजना के अन्तर्गत गैर कृषि क्षेत्र मे नए सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprises) स्थापित करने के लिए इच्छुक लोगो को बैंक से ऋण और सरकारी मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। PMEGP का राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन सूक्ष्म, लघु एंव मध्यम मंत्रालय (Ministry of MSME) के माध्यम से किया जाएगा। इसमे खादी एंव ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) अपनी भूमिका नोडल एंजेसी के रुप मे निभाएगा। इस योजना के अन्तर्गत केवल वित्तीय सहायता ही नही दी जाएगी बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो मे रोज़गार व स्वरोज़गार को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

PMEGP क्या है?
PMEGP एक ऋण-संबद्ध सरकारी सब्सिडी योजना है। सभी पात्र आवेदक अपना नया सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए अपना प्रस्ताव देता है। इसके बाद बैंक परियोजना की व्यवहार्यता और अपनी ऋण नीति के अनुसार वित्त प्रदान करता है। इस योजना के अन्तर्गत पात्र होने पर परियोजना लागत के निर्धारित हिस्से के बराबर Margin Money Subsidy का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। PMEGP का लक्ष्य गैर-कृषि क्षेत्र मे नए रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर पैदा करना है। इसमे ग्रामीण और शहरी दोनो क्षेत्रो मे विभिन्न प्रकार की विनिर्माण गतिविधियां शामिल है। हालांकि योजना की पात्र गतिविधियो और नकारात्मक सूची की शर्तो के अनुरूप हो।
PMEGP 2026 की नवीनतम स्थिति
2026 मे PMEGP अभी भी भारत सरकार के MSME support ecosystem का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 12 मार्च 2026 की PIB की जानकारी के अनुसार PMEGP नई गैर-कृषि micro enterprises के लिए manufacturing मे 50 लाख रुपये और service enterprises मे 20 लाख रुपये तक की Project cost पर margin money subsidy प्रदान करता है। जो अधिकतम 35% तक हो सकती है। इसके अलावा फरवरी 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार
FY 2025-26 के दिसंबर 2025 तक PMEGP के तहत स्थापना के बाद से 10.71 लाख से अधिक micro enterprises को सहायता दी जा चुकी थी। इसके लिए 29,249.43 करोड़ की margin money subsidy disburse की गई थी और अनुमानित रोज़गार 87 लाख रुपये से अधिक बताया गया था। इससे स्पष्ट है कि साल 2026 मे भी PMEGP उद्यमिता और रोज़गार-सृजन से सम्बन्धित सरकारी योजनाओं मे सक्रिय रुप से शामिल है।
PMEGP से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक नज़र में
| योजना का नाम | Prime Minister Employment Generation Program |
| हिंदी मे नाम | प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम |
| नोडल एंजेसी | Ministry of MSME |
| राष्ट्रीय नोडल एजेंसी | KVIC |
| मुख्य उदेश्य | नए micro enterprises और रोज़गार को बढ़ावा देना। |
| न्यूनतम आयु | 18 वर्ष |
| Manufacturing परियोजना सीमा | 50 लाख रुपये। |
| Business/Service परियोजना सीमा | 20 लाख रुपये। |
| सामान्य श्रेणी योगदान | 10% |
| विशेष श्रेणी योगदान | 5% |
| सामान्य शहरी सब्सिडी | 15% |
| सामान्य ग्रामीण सब्सिडी | 25% |
| विशेष शहरी सब्सिडी | 25% |
| विशेष ग्रामीण सब्सिडी | 35% |
| नई ईकाइयो के लिए उद्यम पंजीकरण | अनिवार्य |
| आवेदन | ऑनलाइन PMEGP Portal पर |
| उपरोक्त दरे और सीमाएं आधिकारिक PMEGP/सरकारी स्त्रोतो मे उपलब्ध वर्तमान जानकारी के आधार पर दी गई है। आवेदन करने से पहले एक बार पोर्टल पर नवीनतम दिशा-निर्देश खुद से अवश्य देखें। | |
PMEGP का उद्देश्य
PMEGP के प्रमुख उद्देश्य निम्न है।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रो मे नए स्वरोज़गार के लिए उद्यम स्थापित करना।
- बेरोज़गार युवाओं और संभावित उद्यमियो को व्यवसाय शुरू करने मे सहायता करना।
- पारंपरिक कारीगरो और स्थानीय उद्यमियो के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाना।
- स्थानीय स्तर पर टिकाऊ रोज़गार पैदा करने मे सहायता करना।
- ग्रामीण क्षेत्रो मे रोज़गार के लिए होने वाले पलायन को कम करने मे योगदान देना।
- छोटे उद्यमियो के माध्यम से स्थानीय आर्थिक गतिविधियो को बढ़ावा देना।
PMEGP मे कितनी सब्सिडी मिलती है?
PMEGP मे मिलने वाली Margin Money Subsidy आवेदक की श्रेणी और परियोजना के ग्रामीण या शहरी क्षेत्र मे स्थित होने पर निर्भर करती है।
| लाभार्थी श्रेणी | अपना योगदान | शहरी क्षेत्र मे सब्सिडी | ग्रामीण क्षेत्र मे सब्सिडी |
| सामान्य श्रेणी | 10% | 15% | 25% |
| विशेष श्रेणी | 5% | 25% | 35% |
विशेष श्रेणी मे योजना के अनुसार SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिलाएं, दिव्यांग, पूर्व सैनिक, ट्रांसजेंडर, उत्तर पूर्वी क्षेत्र, पहाड़ी/सीमावर्ती क्षेत्र और आकांक्षी जिले आदि शामिल हो सकते है। पात्र श्रेणी का निर्धारण सम्बन्धित सरकारी नियमो और जरूरी दस्तावेज़ो के आधार पर होता है।
उदाहरण के लिए – मान लीजिए किसी पात्र सामान्य श्रेणी के आवेदक की ग्रामीण क्षेत्र मे 10 लाख रुपये की परियोजना है। और उस पर 25% Margin Money Subsidy लागू होती है। तो गणना के स्तर पर 25% राशी 2.50 लाख रुपये होगी। लेकिन इसे सीधे 2.50 लाख रुपये नकद नही मिलेंगे। यह समझना सही नही है। PMEGP की Margin Money व्यवस्था बैंक ऋण खाते और योजना की निर्धारित प्रक्रिया से जुड़ी होती है। वास्तविक वित्तीय संरचना बैंक स्वीकृति, परियोजना लागत, अपना योगदान और योजना की शर्त पर निर्भर करती है।
PMEGP मे अधिकतम परियोजना लागत कितनी है?
वर्तमान जानकारी के अनुसार नई इकाइयो के लिए अधिकतम परियोजन लागत निम्न है।
- विनिर्माण क्षेत्र के लिए – अधिकतम 50 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर Margin Money Subsidy के लिए पात्रता।
- व्यापार या सेवा क्षेत्र के लिए – अधिकतम 20 लाख रुपये की परियोजना लागत Margin Money Subsidy के लिए पात्रता।
अगर परियोजना लागत इन सीमाओं से अधिक हैं तो अतिरिक्त राशी पर बैंक वित्त उपलब्ध करा सकता है। लेकिन निर्धारित सीमा से उपर की राशी पर PMEGP Margin Money Subsidy उपलब्ध नही होती है। इसलिए व्यवसाय योजना बनाते समय कुल परियोजना लागत और सब्सिडी के लिए पात्र लागत को अलग अलग समझना जरूरी है।
PMEGP के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
- PM Employment Generation Program के लिए आवेदक भारत का मूल निवासी नागरिक होना अनिवार्य है।
- आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- देश के गरीबी रेखा से निचे जीवन यापन करने वाले परिवार भी इसके लिए पात्र होगें।
- स्वंय सहायता समूह मे शामिल वह नागरिक जिन्होने अन्य किसी योजना के तहत लाभ न लिया हो पात्र होगें।
- आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवी पास होनी चाहिए जब वह 5 लाख रुपये या इससे अधिक की सहायता प्राप्त करने का इच्छुक है।
- आवेदक ने पहले अन्य किसी केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा संचालिन सब्सिडी योजनाओं का लाभ न प्राप्त किया हो।
- सहायता नई परियोजना के लिए उपलब्ध होगी, जो PMEGP के अन्तर्गत स्वीकृत हो।
- परियोजना मे जरूरी पंजीगत व्यय होना चाहिए, केवल कार्यशील पूंजी वाली परियोजनाएं योजना के तहत पात्र नही मानी जाती है।
- पहले से सरकारी सरकारी सब्सिडी प्राप्त कर चुकी मौजूद इकाइयां नई PMEGP इकाई के रुप मे पात्र नही होगी।
- आवेदक के पास एक बैंक खाता होना जरूरी है जो आधार कार्ड व मोबाइल नम्बर से लिंक हो।
- इसेक अलावा आवेदक का बैंक खाते की डीबीटी सर्विस भी सक्रिय होनी चाहिए।
क्या मौजूदा व्यवसाय के लिए PMEGP का लाभ मिल सकता है?
नई इकाई के अतिरिक्त PMEGP व्यवस्था मे पात्र और अच्छी तरहा चल रही मौजूदा PMEGP/REGP/MUDRA इकाइयो के upgradation और expansion के लिए दूसरी वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है।
इस श्रेणी मे –
- लाभार्थी का अपना योगदान – 10%
- सामान्य सब्सिडी – 15%
- NER और Hill State के लिए सब्सिडी – 20%
- Manufacturing मे Margin Money Subsidy के लिए परियोजना लागत की सीमा 1 करोड़ रुपये।
- Business/Service मे सीमा – 25 लाख रुपये।
- Manufacturing मे अधिकतम सब्सिडी – सामान्यत 15 लाख रुपये, जबकि और NER और Hill State के लिए 20 लाख रुपये तक।
- Business/Service मे अधिकतम सब्सिडी – सामान्यत 3.75 लाख रुपये, जबकि NER/Hill States मे 5 लाख रुपये तक।
यह सुविधा स्वत ही पुराने व्यवसायो को नही मिलती है। पूर्व ऋण की स्थिति, इकाई का प्रदर्शन, repayment और योजना की अन्य शर्ते महत्वपूर्ण है।
PMEGP मे कौन-कौन से व्यवसाय शुरू किये जा सकते है?
PMEGP का दायरा व्यवसाय की दृष्टि से बहुत बड़ा है। और योजना के viable micro enterprises को गैर कृषि क्षेत्र मे सहायता प्रदान करती है। कुछ संभावित क्षेत्रो के उदाहरण इस प्रकार है।
- खाद्य प्रसंस्करण
- मसाला निर्माण
- आटा या अन्य खाद्य उत्पादो की प्रोसेसिंग
- फर्नीचर निर्माण
- कपड़ा एंव परिधान सम्बन्धित इकाइयां
- हस्तशिल्प
- मरम्मत एंव सर्विस सेंटर
- कुछ निर्माण गतिविधियां
- स्थानीय सेवा व्यवसाय
- छोटी ओद्योगिक इकाइयां
- पर्यटन से जुड़ी पात्र गतिविधियां
- कुछ परिवहन गतिविधिया
- Retails/trading गतिविधियां।
हालांकि हर व्यवसाय स्वत पात्र नही है। योजना की Negative list, स्थानीय कानून, पर्यावरण सम्बन्धित नियम व सम्बन्धित विभागो की अनुमति लागू हो सकती है। PMEGP पोर्टल पर Trading और Transport गतिविधियो के लिए भी विशेष शर्त दी गई है। इसलिए केवल किसी इंटरनेट सूची मे व्यवसाय का नाम देखकर आवेदन करना उचित नही है।
PMEGP मे Trading Business के नियम
PMEGP में सामान्य व्यापारिक गतिविधियो पर विशेष नियम लागू होते है।
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार कुछ परिस्थितियो मे Sales outlets, Khadi/village Industry Product की बिक्री, PMEGP Units द्वारा निर्मित उत्पादो की बिक्री तथा Manufacturing/Service Facility से जुड़े retails outlets को अनुमति दी जा सकती है। ऐसी पात्र trading गतिविधियो के लिए अधिकतम परियोजना लागत 20% तक हो सकती है। और राज्य मे वार्षिक वित्तीय आवंटन का अधिकतम 10% तक ऐसे trading activities के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसलिए हर दुकान के लिए PMEGP Loan मिलता है। यह कहना उचित नही होगा।
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PMEGP (दस्तावेज़)
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
- अनापत्ति प्रमाण पत्र
- शपथ पत्र ( अन्य किसी योजना का लाभ न प्राप्त करने की स्थिति में)
- शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज़
- मोबाइल नम्बर
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज़ फोटो।
PMEGP आवेदन ऑनलाइन कैसे करें?
- सबसे पहले आपको PM Employment Generation Programme की आधिकारिक वेबसाइट https://kviconline.gov.in/ पर जाना है।
- आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुलकर आएगा।
- होम पेज पर आपको मेन्यू मे PMEGP का लिंक मिलेगा आपको इस पर क्लिक करना है।
- क्लिक करते ही आप PMEGP Portal पर रिडायरेक्ट हो जाएगें जहां पर आपको Application For New Unit का लिंक मिलेगा आपको इस पर क्लिक करना है।
- अब आपके सामने पॉपअप खुलकर आएगा जिसे आपको ध्यान से पढ़ना हैं और Ok पर क्लिक कर देना है।
- क्लिक करते ही आपके सामने इस योजना का आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
- आप आपको इस फॉर्म मे पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी को ध्यानपूर्वक भरना है।
- सभी जानकारी भरने के बाद आपको मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज़ो को अपलोड कर देना है।
- अंत मे आपको Save Application Data के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
- इस प्रकार आप PM Employment Generation Programme 2026 के अन्तर्गत आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
PMEGP में बैंक की भूमिका क्या होती है?
PMEGP को केवल एक सरकारी पैसा समझना उचित नही होगा। क्योकि इसमे बैंक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। परियोजना की Viability, लागत, repayment Capacity और बैंकिंग मानको के आधार पर बैंक ऋण प्रस्ताव पर निर्णय लेता है। स्वीकृत ऋण मे Term loan तथा जरूरी Working capital व्यवस्था शामिल हो सकती है। लोन की ब्याज दर और repayment schedule सम्बन्धित बैंक की लागू शर्तो के आधार पर होता है। उदाहरण के तौर पर बैंक ऑफ इंडिया PMEGP ऋण के लिए repayment अवधि सामान्यत 3 से 7 वर्ष के बीच बताता है। इसमे बैंक द्वारा निर्धारित Primary moratorium हो सकता है। इसलिए PMEGP मे आवेदन करना = ऋण निश्चित रुप से मंजूर होना नही है।
PMEGP में Udyam Registration क्यों जरूरी है?
PMEGP की संशोधन पॉलिसी 2023 के अनुसार नई PMEGP ईकाइयो के लिए Udyam Registration करना अनिवार्य है। नई ईकाइयो को Physical Verification से पहले और Margin Money को Beneficiary loan Account मे adjust किए जाने से पहले Udyam Portal पर पंजीकृत होना जरूरी है। उद्यम पंजीकरण के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी अनाधिकृत एजेंट को केवल पंजीकरण के नाम पर गैर जरूरी शुल्क देने से बचें।
PMEGP मे EDP Training क्या है?
इस योजना के लाभार्थी के लिए Entrepreneurship Development Program से सम्बन्धित प्रशिक्षण व्यवस्था भी योजना का ही एक अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य लाभार्थी को व्यवसाय चलाने की मूलभूत समझ विकसित करने मे सहायता करना है। PMEGP Portal पर ऑनलाइन EDP Training और सम्बन्धित सामग्री उपलब्ध करायी जाती है। एक नई उद्यमी के लिए केवल मशीन खरीदना पर्याप्त नही है। इसके लिए बाजार, लागत, Accounting, inventory, customers और Compliance की समझ व्यवसाय की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होती है।
PMEGP मे जमीन की कीमत शामिल की जा सकती है?
सामान्य रुप से जमीन की लागत को परियोजना मे शामिल नही किया जा सकता है। हालांकि ready-built shed या long lease/rental work Shed/work shop से सम्बन्धित कुछ लागत योजना की निर्धारित शर्तो के अनुसार परियोजना लागत मे शामिल हो सकती है। इसकी अधिकतम अवधि संबंधि सीमा लागू होती है। इसलिए Project report बनाते समय जमीन, भवन, मशीनरी और Working capital की लागत को स्पष्ट रुप से अलग अलग दिखाना चाहिए।
PMEGP Project Report कैसे बनाएं?
एक अच्छी project report बैंक और Implement agency के सामने व्यवसाय की व्यवहार्यता समझने मे मदद करती है। Project Report मे न्यूनतम इन बिंदुओ को समझना जरूरी है।
- व्यवसाय का परिचय – आप कौन सा उत्पाद बनाएगे या कौन सी सेवा देगें।
- बाजार का विषलेषण – आपके ग्राहक कौन होगें स्थानीय बाजार मे मांग कैसी होगी।
- मशीनरी व उपकरण – कौन-कौन से उपकरण चाहिए और उनकी अनुमानित लागत क्या होगी।
- कच्चा माल – कच्चा माल कहां से आएगा और उसकी लागत कितनी होगी।
- मानव संसाधन – कितने लोगो को रोज़गार मिलने की संभावना है।
- परियोजना लागत – Capital Expenditure और Working Capital का स्पष्ट विवरण दें।
- बिक्री अनुमान – बिक्री का अनुमान वास्तविक बाजार परिस्थितियो के आधार पर रखें।
- लाभ व नकदी प्रवाह – Revenue, खर्च, Operating cost और संभावित cash flow का अनुमान दें।
- ऋण व Repayment – बैंक ऋण की संभावना Repayment क्षमता को ध्यान पर रखकर Final projection तैयार करें।
महत्वपूर्ण – Project Report मे अवास्तविक बिक्री, गारंटीकृत मुनाफा, या कृत्रिम आकड़े न डालें। क्योकि बैंक वित्तीय व्यवहार्यता का मूल्यांकन कर सकता है।
PMEGP की Margin Money Subsidy कैसे काम करती है?
PMEGP की Subsidy सीधे लाभार्थी के हाथो मे मिलने वाली सामान्य प्रक्रिया नही है। योजना की Margin Money Subsidy बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सम्बन्धित beneficiary loan account से जुड़ती है। इसके लिए योजना की condition, physical verification और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होती है। इस कारण ऐसे किसी भी एजेंट से बचें कि जो कहते है कि सब्सिडी का पैसा सीधे आपके हाथो मे या खाते मे प्राप्त हो जाएगा।
PMEGP में किन गलतियो से बचना चाहिए?
इस योजना मे आवेदन करते समय निम्न गलतियो से बचना चाहिए।
- गलत व्यक्तिगत जानकारी।
- Aadhaar और आवेदन मे नाम का mismatch होना।
- परियोजना लागत को कृत्रिम रुप से बढ़ाना।
- बिना बाजार अध्ययन के बहुत अधिक बिक्री का अनुमान लगाना।
- पात्रता जांचे बिना किसी भी व्यवसाय के लिए आवेदन करना।
- अनधिकृत एजेंट को बैंकिंग पासवर्ड, OTP या अन्य संवेदनशील जानकारी देना।
- सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट के बदले संदिग्ध वेबसाइट पर आवेदन करना।
- शत प्रतिशत सब्सिडी या बिना repayment loan जैसे दावो पर विश्वास करना।
- बैंक स्वीकृति को पहले से निश्चित मान लेना।
PMEGP मे आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
PMEGP के लिए आधिकारिक वेबसाइट
इस योजना मे आवेदन, दिशा-निर्देश, Eligibility, Application Status और अन्य अपडेट के लिए केवल सरकारी स्त्रोतो को प्राथमिकता दें।
निष्कर्ष
PMEGP उन लोगो के लिए सबसे उपयोगी सरकारी योजनाओं मे से एक हैं, जो गैर कृषि क्षेत्र मे अपना नया micro enterprises शुरू करना चाहते है। इसमे पात्र परियोजनाओं के लिए बैंक वित्त और Margin Money Subsidy का संयोजन उपलब्ध है। सब्सिडी की दर आवेदक की श्रेणी और परियोजना के ग्रामीण या शहरी स्थान के अनुसार बदलती है। हांलाकि PMEGP को मुफ्त का पैसा या गारंटीड लोन समझना उचित नही है।
आवेदन की सफलता परियोजना की व्यवहार्यता, पात्रता, दस्तावेज़, बैंक के मूल्यांकन और परियोजना की शर्तो पर निर्भर करती है। 2026 मे आवेदन करने वाले व्यक्ति को सबसे पहले PMEGP की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम Guidelines को देखना चाहिए। पात्र व्यवसाय का चयन करना चाहिए। वास्तविक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए और फिर से आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए।
अस्वीकरण :- यह लेख सामान्य जानकारी/सूचना और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। सरकारी योजनाओं के नियम, पात्रता, वित्तीय आवंटन और प्रक्रियाएं समय के साथ बदलती रहती है। अंतिम निर्णय के लिए PMEGP के आधिकारिक पोर्टल, Ministry of MSME/KVIC के नवीनतम दिशा-निर्देश तथा सम्बन्धित बैंक/कार्यान्वयन एंजेसी की जानकारी को ही प्राथमिकता दें। यह लेख किसी भी व्यक्ति को लोन स्वीकृत, सब्सिडी या व्यवसाय मे निश्चित लाभ की गारंटी नही देता है।
अक्षर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम रोज़गार सृजन कार्यक्रम के लिए पात्रता क्या है?
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और आवेदक या स्वंय सहायता समूह ने अन्य किसी योजना का लाभ न प्राप्त किया हो।
PMEGP 2026 के तहत 5 लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए कौन पात्र होगा?
इस योजना के अन्तर्गत 5 लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए आवेदक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वी पास होनी चाहिए।
क्या इस योजना के लिए बीपीएल वर्ग के परिवार भी पात्र होगें?
हां, देश के बीपीएल वर्ग के परिवार के लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकते है।