Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana: तारबंदी के लिए 1.43 लाख रुपये प्रोत्साहन, ऐसे उठाएं लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानो के खेतो की सुरक्षा के लिए एक योजना को शुरू किया गया है। जिसका नाम मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना है। इस योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा किसानो को अपने खेती तारबंदी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। ताकि आवारा पशुओ से खेतो की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसान अपनी खेती से आर्थिक स्थिति मे सुधार कर सके। Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana 2026 के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

आज के इस लेख मे हम मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना पर विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि कैसे इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है। अगर आप भी उत्तर प्रदेश राज्य से है और इस योजना के लिए पात्र हैं तो आप भी इस योजना के अन्तर्गत आवेदन कर सकते है। हालांकि इसके लिए कुछ पात्रता व मापंदड निर्धारि की गई है। जिनको पूरा करना जरूरी है।

Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana

UP Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana को शुरू किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत सरकार किसानो को अपनी फसलो मे सोर ऊर्जा युक्त तार लगाने के लिए वित्तीय सहायता देगी। इस सोलर युक्त तार मे अधिकतम 12 वॉल्ट का कंरट प्रवाहित किया जाएगा। जिससे आवारा पशुओ के चपेट मे आने पर उनको एक जोर का झटका लगेगा साथ ही एक तेज ध्वनि भी उत्पन्न होगी। हालांकि इस कंरट से पशुओ को किसी भी प्रकार का नुकसान नही होगा।

इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थी किसानो को प्रति हेक्टेयर लागत का 60 प्रतिशत या कुल 1.43 लाख रुपये की अनुदान राशी दी जाएगी। इस योजना की मदद से किसान अपने खेतो को आवारा नीलगाय, बंदर, सूअर, जंगली सुअर आदि से बचा पाएगें। राज्य के लघु एंव सीमान्त किसान इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते है।

योजना की शुरूआत क्यो हुई?

उत्तर प्रदेश राज्य के कई ग्रामीण क्षेत्रो मे आवारा पशुओ से फसल हानि की समस्या लंबे समय से किसानो के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कई जगह किसान रात मे अपने खेत की रखवाली करते है। या अस्थायी तार अन्य साधनो से खेत को बचाने का प्रयास करते है। मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना उद्देश्य इसी समस्या के लिए सौर ऊर्जा आधारित और कम वोल्टेज वाली फेसिंग को प्रोत्साहित करना है।

योजना के शुरूआती विस्तार सम्बन्धित रिपोर्टो मे बुंदेलखंड से आगे इसे पूरे प्रदेश मे लागू करने का उल्लेख किया गया था। इसका एक दूसरा पहलू भी हैं। अगर खेत सुरक्षित रहता हैं तो किसान ऐसी फसलो की खेती करने मे अधिक सहज होंगे। जिसे आवारा पशुओ के कारण जोखिमपूर्ण माना जाएगा। सरकारी बजट पत्र मे भी फसलो के श्रेत्रफल और उत्पादन मे वृद्धि को योजना के उद्देश्य से जोड़ा गया है।

Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana Key Highlight

आर्टिकलMukhyamantri Khet Suraksha Yojana
योजना का नाममुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना
शुरू की गईराज्य स्तर पर
कब शुरू की गईसाल 2024
सम्बन्धित विभागकृषि विभाग
राज्यउत्तर प्रदेश
वर्ष2026
लाभार्थीराज्य के किसान
उद्देश्यखेती की सुरक्षा सुनिश्चित करना
लाभतार बंदी हेतु अनुदान
अनुदान राशी1.63 लाख
श्रेणीसरकारी योजना उत्तर प्रदेश
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन/ऑफलाइन
ऑफिशियल वेबसाइटagriculture.up.gov.in

सोलर फेसिंग कैसे काम करती है?

सोलर फेसिंग का ढांचा सामान्य तौर पर चार चार प्रमुख भागो मे समझा जा सकता है।

  1. सोलर पैनल, जो ऊर्जा उपलब्ध कराएगा।
  2. बैटरी/कंट्रोल यूनिट जो ऊर्जा को संचालित प्रणाली मे उपयोग करेगी।
  3. खेती की सीमा के चारो ओर लगाए जाने वाले तार।
  4. चेतावनी देने वाले सायरन की व्यवस्था।

योजना से जुड़े सार्वजनिक विवरणो के अनुसार फेसिंग मे कम वोल्टेज़ का करंट प्रवाहित किया जाता है। इसके अलावा सायरन भी लगाया जाता है। इसका मकसद आवारा पशुओ को हानि पहुंचाना नही हैं बल्कि उन्हे खेत मे प्रवेश करने से रोकना है।

बरती जाने योग्य महत्वपूर्ण सावधानी :- किसानो को स्वंय बिजली के मेन कनेक्शन से तार जोड़कर खेत की फेसिंग नही करनी चाहिए। फेसिंग प्राय स्वीकृत तकनीकी मानको और अधिकृत इंस्टॉलेशन प्रक्रिया के अनुसार ही करें।

किन किसानो को योजना से मिल सकता है लाभ?

योजना के उपलब्ध विवरणो मे मुख्य रुप से उत्तर प्रदेश के किसानो और विशेष रुप से लघु एंव सीमान्त किसानो पर जोर दिया गया है। हालांकि पात्रता को केवल यूपी का किसान होना मान लेना पर्याप्त नही है। वास्तविक लाभ के लिए सम्बन्धित चरण मे लागू विभागीय दिशा-निर्देश, भूमि का विवरण, क्षेत्रफल, जिले का लक्ष्य और सत्यापन जैसी शर्ते लागू होगी। इसके लिए आवेदन करने से पहले किसानो को अपने ब्लॉक के कृषि विभाग कार्यालय या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से वर्तमान चरण की पात्रता जरूरी जाननी चाहिए।

खेत सुरक्षा योजना मे कितनी सब्सिडी मिलेगी?

बजट 2024-25 मे इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान था। वही योजना के सार्वजनिक विवरणो मे लघु एंव सीमान्त किसानो के लिए लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम लगभग 1.43 लाख प्रति हेक्टेयर तक अनुदान का उल्लेख है। कुछ रिपोर्टो मे छोटे किसानो के समूह/क्लस्टर के लिए अधिक सहायता का भी उल्लेख है। 2024 मे लगभग 10 हेक्टेयर के क्लस्टर के लिए 80 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान था। हालांकि इसे वर्तमान 2026 की सार्वभौमिक दर मानने से पहले अपने जिले के कृषि विभाग की वर्तमान स्वीकृति और लक्ष्य की पुष्टि करना जरूरी है।

अगर योजना के तहत 60 प्रतिशत सहायता लागू होती हैं तो पात्र लागत का हिस्सा सरकार वहन करेगी और बारी राशी किसानो को अपनी और से लगानी होगी। वास्तविक सहायता स्वीकृत लागत, क्षेत्रफल, योजना के वर्तमान दिशा-निर्देशो और जिले के लक्ष्य पर निर्भर करेगी। इसलिए केवल इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी पुराने लेख के आधार पर यह मान लेना सही नही होगा कि हर किसान को निश्चित रुप से 1.43 लाख रुपये मिलेंगे।

Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana Eligibility (पात्रता)

  • मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना के लिए आवेदक उत्तर प्रदेश राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
  • आवेदक एक किसान होना चाहिए।
  • राज्य के लघु एंव सीमान्त किसान इस योजना के लिए पात्र होगें।
  • आवेदक के पास कृषि योग्यत भूमि होनी चाहिए।
  • खेत आवेदक के नाम पर होना चाहिए।
  • आवेदक के नाम एक सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए जो आधार कार्ड व मोबाइल नम्बर से लिंक हो।
  • इसके अलावा बैंक खाते की डीबीटी सर्विस भी सक्रिय होना चाहिए।

Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana Benefits (लाभ)

  • यह योजना विशेष रुप से उत्तर प्रदेश के किसानो के लिए शुरू की गई है।
  • इस योजना के अन्तर्गत खेती को रक्षा के लिए सोरल फेसिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • जिससे किसान आवारा पशुओ से अपने खेतो का बचा सकेंगे।
  • इस योजना के तहत किसानो को अपनी फसल सुरक्षा के लिए सहायता दी जाएगी।
  • यह योजना किसानो के लिए एक अत्यन्त लाभकारी योजना है।

मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना की विशेषताएं

  • फसल को आवारा पशुओ से सुरक्षा – खेत मे घुसने वाले आवारा पशु फसल को चरकर या पैरो से रौंदकर नुकसान पहुंचाते है। फेसिंग उनके प्रवेश को रोकने का प्रयास करेगी।
  • रात मे खेत की रखवाली का दवाब कम – कई किसान आवारा पशुओ के कारण रात मे खेत की निगरानी करते है। सुरक्षित फेसिंग इस अतिरिक्त श्रम बल को कम करने मे मदद करेगी।
  • जंगली जानवरो से बचाव – नीलगाय, जगली सुअर और कुछ क्षेत्रो मे बंदर जैसे जानवरो से फसल हानि की समस्या को देखते हुए भी उपयोगी माना गया है।
  • सौर ऊर्जा का उपयोग – फेसिंग को संचालित करने मे सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। इसलिए इसका फेसिंग का उद्देश्य पारंपरिक बिजली कनेक्शन पर निर्भरता के बिना खेत की सीमा को सुरक्षा मिलेगी।
  • खेती के जोखिम को कम करने मे मदद – अगर फसल का एक हिस्सा आवारा पशुओ से बार बार नष्ट हो रहा हैं तो किसान की वास्तविक उत्पादन लागत बढ़ जाती है। यह योजना इस जोखिम को कम करने मे मदद करेगी।

Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana Documents (दस्तावेज़)

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • कृषि भूमि के दस्तावेज़
  • किसान कार्ड
  • मोबाइल नम्बर
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो।

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Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana Application Process (आवेदन प्रक्रिया)

ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको कृषि विभाग उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • वेबसाइट का होम पेज आपके सामने खुलकर आएगा।
Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana
Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana
  • अब आपके सामने अगला पेज खुलकर आएगा जिसमे आपको घोषणा पात्र को पढ़ना हैं और दिए गए बॉक्स मे टिक करके सहमति देकर आगे बढ़े के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana
  • अब आपके सामने अगला पेज खुलेगा जिसमे आपको अपना आधार कार्ड संख्या दर्ज करना है।
  • इसके बाद आपको कैप्चा कोड दर्ज कर Sand OTP के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • क्लिक करते ही आपके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी आएगा जिसे आपको दिए गए बॉक्स मे दर्ज करना हैं और Verify के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • इतना करते ही आपके सामने मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना का आवेदन फॉर्म खुलकर आ जाएगा।
  • अब आपको इस फॉर्म मे पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी को ध्यानपूर्वक भरना है।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज़ो को अपलोड कर देना है।
  • अंत मे आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • क्लिक करते ही आपको पावती प्राप्त होगी जिसे आपको अपने पास भविष्य के लिए सुरक्षित रख लेना है।
  • इस प्रकार आप Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana के अन्तर्गत आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

ऑफलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको अपने ब्लॉक या जिसा कृषि विभाग कार्यालय जाना है।
  • वहां पर जाकर आपको सम्बन्धित अधिकारी से मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त कर लेना है।
  • आवेदन फॉर्म प्राप्त करने के बाद आपको इसमे पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी को ध्यानपूर्वक भरना है।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज़ो की प्रति आवेदन फॉर्म के साथ संलग्न कर देनी है।
  • इसके बाद आपको यह आवेदन फॉर्म वापस अपने ब्लॉक या जिला कृषि विभाग कार्यालय मे ही जमा कर देना है।
  • इसके बाद सम्बन्धित अधिकारी द्वारा आपके आवेदन पत्र व सम्बन्धित दस्तावजो की सत्यता की जांच की जाएगी।
  • सबकुछ ठीक पाए जाने पर आपका आवेदन पत्र स्वीकार कर लिया जाएगा और आपको एक पावती रशीद दे दी जाएगी जिसे आपको अपने पास भविष्य के लिए सुरक्षित रख लेना है।
  • इस प्रकार आप Mukhyamantri Khet Suraksha Yojana के अन्तर्गत आसानी से ऑफलाइन आवेदन कर सकते है।

योजना मे क्लस्टर मॉडल क्यो महत्वपूर्ण है?

सोलर फेसिंग मे खेत की सीमा के हिसाब से लागत आती है। छोटे-छोटे अलग अलग खेतो मे अलग अलग फेसिंग लगाने की तुलना मे आसपास के किसान समूह बनाकर काम करें तो कुछ परिस्थितियो मे व्यवस्था अधिक व्यवहारिक हो सकती है। इस वजह से योजना से सम्बन्धित रिपोर्टो मे छोटे और सीमान्त किसानो के क्लस्टर का मॉडल भी सामने आया था। साल 2024 की एक रिपोर्ट मे लगभग 10 हेक्टेयर तक के क्लस्टर के लिए 80% सहायता का प्रस्ताव बताया गया था। लेकिन यहां यह बात भी महत्वपूर्ण हैं कि क्लस्टर की सीमा और अनुदान प्रतिशत को वर्तमान वर्ष की स्वीकृत गाइडलाइन से मिलाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना और सामान्य तारबंदी मे अंतर

विषयमुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजनासामान्य तारबंदी योजना
मुख्य उद्देश्यफसल को आवार जगंली पशुओ से बचाना।खेत की सीमा सुरक्षित करना
ऊर्जासौर ऊर्जा आधारित प्रणालीसामान्यता ऊर्जा की आवश्यकता नही।
तकनीककम वॉल्टेज फेंसिंग व सायरन।तार या जाली आदि
सरकारी सहायतायोजना के नियमो के अनुसारसामान्यत: योजना-विशिष्ट
चेतावनीसायरन की व्यवस्था हो सकती है।सामान्य तारबंदी मे नही।
रखरखावसोलर यूनिट और तार दोनो का रखरखाव।मुख्यत: तार/पोलबंदी मे नही।

योजना की सबसे बड़ी उपयोगिता कहां है?

इस योजना को केवल ताल लगाने की योजना समझना गलत होगा। क्योकि इसका सीधा संबंध फसल सुरक्षा, किसानो के श्रम, खेती की लागत और उत्पादन जोखिम से है। उदाहरण के लिए मान लीजिए अगर किसी किसान के खेत मे नीलगाय घुसती हैं तो किसान को तीन स्तर पर हानि होगी।

  1. फसल की सीधी क्षति
  2. दोबारा बुआई का खर्च और श्रम बल।
  3.  खेत की निगरानी मे लगने वाला अतिरिक्त समय।

ऐसे मे फेसिंग इन जोखिमो को कम करने का प्रयास करती है। हालांकि यह भी समझना जरूरी है कि सोलर फेसिंग कोई पूर्ण सुरक्षा गारंटी नही है। इसकी डिजाइन, खेत की भौगोलिक स्थिति, तार की ऊचाई, बैटरी की स्थिति, रखरखाव और आवारा पशुओ के व्यवहार जैसे कई कारको पर निर्भर करती है।

2026 मे किसानो को किन बातो का ध्यान रखना जरूरी है?

सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान देने वाली बात यह है कि योजना के पुराने आकड़ो और वर्तमान नियमो मे अंतर को जानना व समझना जरूरी है। साल 2024-25 के बजट मे योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान स्पष्ट रुप से दर्ज है। लेकिन सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक ऑनलाइन सामग्री मे वर्ष 2026-27 के लिए योजना की नई अनुदान दर या संशोधित अधिकतम राशी का स्पष्ट उल्लेख नही है। हालांकि इसके लिए निम्नलिकित बातो को ध्यान मे रखना जरूरी है।

  • यूट्यूब के किसी भी पुराने वीडियो को देखकर आवेदन नही करना चाहिए।
  • किसी निजी एजेंट को अग्रम पैसे देने से पहले विभागीय पुष्टि करना जरूरी है।
  • अनुदान की वर्तमान दर लिखित/आधिकारिक स्त्रोतो से ही जानना जरूरी है।
  • अपने जिले का लक्ष्य और आवेदन की समय सीमा स्पष्ट होनी चाहिए।
  • फेसिंग लगाने से पहले सम्बन्धित कृषि विभाग की स्वीकृति/दिशा निर्देशो को जानना/समझना जरूरी है।
  • किसी भी प्रकार की अवैध हाई-वोल्टेज़ विद्युत फेसिंग का उपयोग नही किया जाना चाहिए।

Note – उत्तर प्रदेश खेत सुरक्षा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही पूरी प्रक्रिया यहां पर अपडेट कर दी जाएगी।

सम्पर्क विवरण

अगर आप मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना से सम्बन्धित अन्य कोई जानकारी या सहायता प्राप्त करना चाहते हैं तो आप निचे दिए गए नम्बर पर सम्पर्क कर सकते है।

  • हेल्पलाइन नम्बर – 7839883124

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना का फोकस एक ऐसी समस्या पर हैं जिसका असर सीधे किसानो की तैयार खड़ी फसल और खेती की लागत पर पड़ता है। सोलर फेसिंग के माध्यम से खेत की सीमा को सुरक्षित करने का प्रयास इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य है। साल 2024-25 के वित्तीय बजट मे इसके लिए 50 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। हालांकि किसानो के लिए इस योजना मे सबसे जरूरी बात केवल यह जानना नही हैं कि सब्सिडी कितनी मिलेगी बल्कि यह सबसे जरूरी हैं कि उसके जिले मे वर्तमान मे योजना का कौन सा चरण चल रहा हैं, कितनी सहायता राशी स्वीकृत है, कितने क्षेत्रफल के लिए पात्रता हैं और आवेदन की प्रक्रिया क्या है।

प्रत्येक आवेदक को 2026 की नवीनतम जानकारी अपने जिले के सम्बन्धित कृषि विभाग से सत्यापित करनी चाहिए। इस प्रकार यदि देखा जाए तो खेत सुरक्षा केवल फसल बचाने का विषय नही हैं, बल्कि यह किसानो के श्रम, लागत और उत्पादन जोखिम को कम करने से जुड़ा विषय भी है।

अक्षर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस योजना के लिए आवेदन कब शुरू किये जाएगें?

इस योजना के लिए आवेदन शाशनादेश जारी होते ही शुरू कर दिए जाएगें।

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